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How Capsules are Made

जानिए कैसे बनाए जाते है कैप्सूल ये पढने के बाद आपका दिमाग घूम जाएगा !!

आप जितने भी कैप्सूल खा रहे है वो सब मांसाहारी है क्योंकि कैप्सूल का कवर होता है उसके अंदर दवाई होती है वो  प्लास्टिक का नहीं होता है हाँ देखने मे लगेगा कि ये तो प्लास्टिक है लेकिन हकीकत में वो प्लास्टिक का हे ही नहीं क्योंकि अगर प्लास्टिक को खओगे तो पेट के अंदर जाकर नही घुलेगा, क्योंकि प्लास्टिक सैकड़ो सालो तक घुलता नहीं है तो वो कैप्सूल अगर प्लास्टिक का होता तो सुबह टॉइलेट के रास्ते से ऐसा ही बाहर आ जाएगा और दवाई भी | तो दोस्तों ये अब जानते है कि किस्से बनते है कैप्सूल के कवर |

कैप्सूल के कवर जिस कैमिकल से तेयार होते है उसका नाम है “gelatin”  (जिलेटिन ) , जिलेटिन के बारे में अपने भारत के केंद्रीय मंत्री श्रीमति मेनका गांधी के मुंह से कई बार सुना होगा की जब गाय /भैंस को क़त्ल किया जाता है तो उसके बाद उसके पेट में जो बड़ी आंत होती है उससे जिलेटिन बनाई जाती है क्योंकि आंत की चर्बी जल्दी घुल जाती है इत में अब समाज आया कि यार ये सब के सब कैप्सूल मांसाहारी होते है ।निचे अखबार की कटिंग देख लो |और अगर फिर भी विश्वाश न हो तो आप अपने प्रिये मित्र google पर (capsules made of ) को लिख कर जरा search करें ।

 

how to capsules are made

 

अंग्रेजी दवाओ पर कोई हरा या लाल निशान नहीं होता |

आपने कभी ध्यान दिया है की अंग्रेजी दवाओ पर कोई हरा या लाल निशान नहीं होता है क्योंकि ज्यादातर मांस या हड्डी इ बनी होती है |अभी कुछ दिन पहेले कोर्ट ने बोला की सभी दवाओ पर हरा या लाल निशान हो तो इन सभी दवाओ की कंपनी ने अपनी छाती पीट दी थी क्योंकि भारत सबसे बड़ा बाज़ार है नके लिए और यहाँ ७०% लोग शाकाहारी है और जो माँसाहारी हे भी वो भी गौ माता की आंत तो अहि खाने वाले है |याद रहे is देश में हर चौथा आदमी हफ्ते में एक बार गैस का कैप्सूल जरूर खता है |

तो मित्रो तो हम खाएं क्या ? मित्रो रास्ता एक ही आप अपने आप को बीमार ही न पड़ने दें और कुछ हो भी जाये तो अपनी चिकित्सा स्वयं करों अर्थात आपको पुनः आयुर्वेद की ओर लौटना पड़ेगा ,क्योंकि एक ही पद्दति ऐसी हे जो ये बताती है की बीमार होने से कैसे बचें बाकी सब तो बीमार होने के बाद ही काम करती है |आयुर्वेद में एक सूक्ष्म चिकित्सा थी जिसमे औषधि की न्यूनतम मात्र दे कर आराम कराया जाता था और इसका सिधांत था “विष को विष से समाप्त किया जा सकता है ” लेकिन इसको समय के साथ भुला दिया गया , भारत से बहार जा कर ये होमियोपैथी बन गई और यह भी आयुर्वेद की तरह सुरक्षित पद्दति है अतः इससे भी रोग का निदान किया जा सकता है हमारे प्रिये श्री राजीव दीक्षित जी भी होमियोपैथी का उपयोग करते थे उन्होंने हजारो गंभीर रोगों को आयुर्वेद एवं होमियोपैथी के उपयोग से ठीक किया था |

Re: Please describe more symptoms .
  • By: Himanshu on 02.08.17
Re: thats good
  • By: ajay on 03.08.17
Re: रोग के बारे में और अच्छे से बताएं जैसे कितने दिनों से है और किन अवस्था में रोग कम ज्यादा होता हैं |उम्र एवं gender |
  • By: Drhomeo on 07.08.17

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