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OUR MISSION

MISSION STATEMENT

एक फ्री हेल्थ एजुकेशनल एवं होमियोपैथी फोरम है जिसमे आप बहुत सा ज्ञान अर्जित कर सकते है |यह एक खुला स्वास्थय प्रोजेक्ट है जिसे आमजन की मदद के लिए बनाया गया है यहाँ पर बीमारी के बारे में पूछे जाने वाले सवालो के जवाब एक्सपर्ट द्वारा दिए जायेंगे | होमियोपैथी एवं आयुर्वेद हानि रहित चिकित्सा पद्दतियाँ है यहाँ हम आपको इनके हानि रहित इलाज़ के बारे में बताएँगे |

होमियोपैथी किसी बीमारी में बहुत तेजी से एवं स्थाई रूप से आराम पहुंचाती है बिना किसी दुष्प्रभाव के |रोग के सुरुवाती चरण या बहुत तीव्र स्थिति में कैसे चिकित्सा करें ये ही इस फोरम का उद्देश्य है |

मानव जाती के सहयोग के लिए आप का सहयोग |

अगर आप होमियोपैथी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक है तो अपने ज्ञान एवं अनुभव यहाँ साझा कर सकते है इसके लिए केवल आपको SIGNUP करना है और फिर आप लोगो के सवालो का जवाब दे सकते है |

अगर आप किसी बीमारी के बारे में एक्सपर्ट की सलाह लेना चाहते है तो आपको FORUM में SIGNUP पर क्लिक कर के रजिस्टर करना है फिर आप अपना सवाल पोस्ट कर सकते है |

ध्यान रहे अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हे और आप कोई दवाई ले रहे है तो उसके बारे में अपने सवाल में जरूर लिखें |

स्वस्थ रहने के लिए कुछ सूत्र

  • सुबह 5 से 7 के बीच में उठ जाना चाहिए |
  • सुबह उठ कर काम से काम २ गिलास ताज़ा पानी पिए इससे पेट एवं किडनी साफ़ रहेंगे |
  • सुबह का नास्ता भरपेट करें 
  • दोपहर को सुबह से काम खाएं |
  • खाने के टुकड़े छोटे छोटे हों और उन्हें चबा कर खाएं |
  • दोपहर के खाने के बाद कम से कम आधा घंटा आराम करें लेंट जाये तो ज्यादा अच्छा |
  • शाम का भोजन थोड़ा और हल्का होना चाहिए |
  • रात को खाने के बाद कम से कम एक किलोमीटर पैदल चले लेकिन ज्यादा न चलें |
  • पानी को बैठ कर घूँट घूँट कर के पियें इससे बहुत रोगो से बच जायेंगे |

भारत में चिकित्सा की स्थिति |

भारत के महान ज्ञानी स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी ने एक बार भारत सरकार से पुछा की देश में स्वास्थय की क्या स्थिति है तो स्वास्थय मंत्रालय से जवाब आया की देश में लगभग 80 % लोग बीमार है और बचे हुए 20 % लोग भी पूर्ण स्वस्थ नहीं है ये हालात जब है की अलोपथी देश में मुख्या चिकित्सा पद्दति है |लेकिन जब देश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा थी तब इसका उल्टा था मतलब केवल 20 % लोग बीमार थे |

आज 8०% लोग किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है लेकिन इन सभी बीमारियों के लिए पर्याप्त चिकित्सक नहीं है और आने वाले समय में पर्याप्त होने वाले भी नहीं हे| एक रिपोर्ट के अनुसार अभी देश में लगभग पांच हज़ार लोगो पर एक चिकित्सक है | ये सभी रोग गलत खान पान से आये है और कुछ अंग्रेजी दवाई के साइड इफ़ेक्ट है जैसे अगर आप बुखार की दवाई paracetamol खाएंगे तो लिवर और किडनी ख़राब होने ही है |आज हम जो जीवनशैली जी रहे है वो हमारे देश के अनुकूल नहीं है, अगर हम इस में बदलाव कर ले तो बहुत से रोगो से बच सकते है और अगर कोई रोग हो भी जाये तो हानि रहित चिकित्सा पद्द्ति से इलाज़ कर के अनेको साइड इफ़ेक्ट से बचा जा सकता है|

Re: ok
  • By: Anonymous on 05.10.17

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