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How Capsules are Made

जानिए कैसे बनाए जाते है कैप्सूल ये पढने के बाद आपका दिमाग घूम जाएगा !!

आप जितने भी कैप्सूल खा रहे है वो सब मांसाहारी है क्योंकि कैप्सूल का कवर होता है उसके अंदर दवाई होती है वो  प्लास्टिक का नहीं होता है हाँ देखने मे लगेगा कि ये तो प्लास्टिक है लेकिन हकीकत में वो प्लास्टिक का हे ही नहीं क्योंकि अगर प्लास्टिक को खओगे तो पेट के अंदर जाकर नही घुलेगा, क्योंकि प्लास्टिक सैकड़ो सालो तक घुलता नहीं है तो वो कैप्सूल अगर प्लास्टिक का होता तो सुबह टॉइलेट के रास्ते से ऐसा ही बाहर आ जाएगा और

स्वस्थ रहने के नियम

स्वस्थ रहेने के नियम – How to Stay Healthy

Rajiv Dixit Rules to Stay Healthy
आज दुनिया में लगभग 200 तरह की पैथी संचालित है इनमे से कई हमारे देश में भी प्रचलित है इन 200 में से ज्यादातर आयुर्वेद से प्रभावित है या कभी न कभी आयुर्वेद से ही निकली है जैसे होमियोपैथी , नेचुरोपैथी , एकुप्रेसर , सिद्ध, यूनानी आदि |मॉडर्न मेडिकल साइंस यानिके एलोपैथी केवल बीमार पड़ने पर काम आती है लेकिन आयुर्वेद में बीमार न पड़े इसके लिए

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चमत्कारी जड़ी बूटियाँ भाग 1
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दादी माँ के नुस्खे

वात ज्वर : बिल्वादि पंचमूल-बेल, सोनापाठा, गम्भार, पाटन, एवं अरणी का काढ़ा प्रयोग करें।
पाचन : पिप्पली मूल, गिलोय और सोंठ का क्वाथ प्रयोग करें।

ज्वर : आंवला, अभया (बडी हरड ), पीपल और चित्रक-यह आमल क्यादि  क्वाथ सब प्रकार के ज्वर का नाश करता है।

खांसी, ज्वर , अपाचन, पार्श्व शूल, और कास (खाँसी ) : दश मूल – बिल्वमूल, अरणी, सोनापाठा, गम्भारी, पाटल, शालपर्णी, गोखुरू, पृष्टपर्णी, बृहती, (बड़ी कटेरी) का क्वाथ व कुश के मूल का क्वाथ-प्रयोग करें।

वात और पित्त ज्वर :- गिलोय, पित्त पापड़ा, नगर मोथा, चिरायता, सौंठ-यह पञ्च भद्र क्वाथ, वात और पित्त ज्वर

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चमत्कारी जड़ी बूटियाँ भाग 2


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दादी माँ के नुख्से

 

अर्श रोग :त्रिकुट युक्त घृत को तिगुने पलाश भस्म -युक्त जल में सिद्ध करके पीना है।

उपदंश की शांति : त्रिफला के क्वाथ या भ्रंग राज के रस से व्र णों को धोयें। परवल की पत्ती के चूर्ण  के साथ अनार की छाल या गज पीपर या त्रिफला का चूर्ण उस पर छोड़ें ।

वमन(उल्टी) : त्रिफला, लोह्चूर्ण, मुलहटी, आर्कव, (कुकुरमांगरा ), नील कमल, कालि मिर्च और सैन्धव नमक सहित पकाये हुए तैल  के मर्दन से वमन की शांति होती है ।

वमन कारक : मुलहठी, बच, पिप्पली-बीज, कुरैया की छाल का कल्क और नीम का क्वाथ घौंट देने वमन कारक होता है।

बाल पकने-सफ़ेद होने से रोकना : दूध, मार्कव-रस, मुलहटी और नील कमल, इनकी दो सेर मात्रा को  पका  कर एक पाव तैल में बदल कर नस्य का प्रयोग करे।

ज्वर, कुष्ठ, फोड़ा, फुंसी, चकत्ते: नीम की छाल, परवल की पत्ती , गिलोय, खैर की छाल , अडूसा या चिरायता, पाठा , त्रिफला और लाल चन्दन।

ज्वर और विस्फोटक रोग : परवल की पत्ती, गिलोय, चिरायता, अडूसा, मजीठ एवं पित्त पापड़ा-इनके क्वाथ में खदिर मिलाकर लिया जाये।

ज्वर, विद्रधि तथा शोथ : दश मूल, गिलोय, हर्रे, गधह पूर्णा

Natural Juice for Weight Loss and Detox

आयुर्वैदिक ड्रिंक 

इस लेख में आपको 3 तरह के जूस बनाने बताये जा रहे है जिनसे आप कुछ ही दिनों में अपना वजन कम कर सकते है और शरीर से अपशिस्ट पदार्थ को बहार निकल कर सुद्ध कर सकते है |

1 - Detox Juice

2 - Juice for Weight Loss

3 - Juice for Fatigue


शरीर शुद्दी पेय  -   DETOX DRINK  
TAKE THIS DETOX DRINK BEFORE YOU GO TO BED

शरीर के हर एक अंग को सफाई की आवशकता होती है | शरीर के कई अंग विषैले तत्वों को सोख लेते है , जब शरीर के किसी अंग में विषैले तत्वों की संख्या हद से बड जाती है तो शरीर के कई हिस्से अपना काम करना बंद कर देते है नतीजे में शरीर को कई बीमारियाँ लग जाती है |एक स्वस्थ्य जिंदगी का सबसे बड़ा राज